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यह है फेमस सिंगर केके के लास्ट मिनट जिसके बाद उन्हें हार्ट अटैक आ जाता है और कुछ ही देर बाद उन्हें कार्डियक अरेस्ट भी आता है 46 साल के कन्नड सुपरस्टार पुनीत राजकुमार की मौत हो जाती है हार्ट अटैक से और सिर्फ 40 साल के टीवी सुपरस्टार सिद्धार्थ शुक्ला की भी वैसे ही मौत हो जाती है और इसी तरह सुरेखा शिकरी अरविंद त्रिवेदी मिथिलेश चतुर्वेदी लिस्ट काफी लंबी है लेकिन कहने की जरूरत नहीं है कि इनके साथ क्या हुआ होगा ऑलरेडी ही कोरोना होने के बाद से हार्ट अटैक का रिस्क 72 फ तक बढ़ सकता है और इसी बीच खबर आ रही है कोविड वैक्सीन से भी टीटीएस होता है जिससे कई लोगों में हार्ट अटैक हो रहा है हालत इतनी गंभीर है कि सिर्फ 24 घंटों में 10 लोगों की मौत हो जाती है और इनमें से कुछ तो सिर्फ 13 और 17 साल के टीनेजर्स थे नवरात्रि के कुछ दिनों में ही 521 कॉल्स आते हैं हार्ट रिलेटेड प्रॉब्लम्स के लिए और 600 से भी ज्यादा कॉल्स होते हैं जिनकी सांसें फूल रही होती है तो इस वीडियो में हम बात करने वाले हैं क्यों कोविड और कोविड वैक्सीन दोनों से ही हार्ट अटैक होने लग रहा है और क्यों इतने सारे लोगों को हार्ट अटैक्स आ रहे हैं इस फिटनेस माफिया की वजह से और दूसरे सेगमेंट प हम बात करने वाले हैं कैसे आप हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट को होने से पहले ही रोक सकते हो इस मिस्ट्री डिवाइस पे तो बिना किसी देरी के चलिए वीडियो स्टार्ट करते [संगीत] हैं यह है जेमी स्कॉट जो ऑलमोस्ट तीन बार मरते-मरते बचे हैं और अब इन्हें ब्रेन डैमेज के साथ ही पूरी लाइफ गुजारनी पड़ेगी अब जेमी 80 लोगों के साथ फेयर कंपनसेशन के लिए एस्ट्रा जनिका ही नहीं ब्रिटिश गवर्नमेंट के खिलाफ भी केस लड़ रहे हैं और यह एस्ट्रा जनेका कोई छोटी-मोटी स्टार्टअप नहीं है यह ब्रिटेन की दूसरी सबसे बड़ी लिस्टेड कंपनी है पहले एस्ट्रा जनेका ईएएमए और डूओ यह बात मानने से ही मना कर देते थे कि एस्ट्रा जनेका वैक्सीन से ही टीटीएस हो रहा था लेकिन आखिर का अप्रैल 2021 में ईएएमए यह बात मान लेता है कि एस्ट्रा जनिका वैक्सीन की वजह से ही लोगों में टीडीएस हो रहा था और आज से कुछ ही दिनों पहले ही एस्ट्रा जनिका ने भी यह माना है कि उन्हीं की वैक्सीन कोवी शील्ड से टीटीएस होने लग लग रहा था अब बात करते हैं टीटीएस की कि यह क्या होता है और कैसे होता है टीटीएस एक रेयर लेकिन सीरियस हेल्थ कंडीशन होता है जिसमें ब्लड क्लॉट्स बनने लग जाते हैं और जिसकी वजह से ब्लड फ्लो रिस्ट्रिक्टर है और उसके बाद स्ट्रोक और हार्ट अटैक होने के भी चांसेस कई गुना तक बढ़ सकते हैं टीटीएस ज्यादातर उन लोगों में मिलता है जिनका एज ग्रुप 55 या फिर उससे कम है दूसरा कि वो फीमेल है और तीसरा उन्हें लो ब्लड प्लेटलेट्स की प्रॉब्लम है अब वैक्सीन की बात करें तो इंडिया में 100 करोड़ लोगों ने एटलीस्ट वन डोज लिया है जिसमें से सिर्फ 401 लोगों की ही जाने गई हैं मतलब यह कि अगर सैंपल साइज 1 करोड़ लोगों का था तो सिर्फ चार लोगों ने अपनी जानें गवाई हैं एंड फॉर कॉन्टेक्स्ट सिर्फ पैरासिटामोल की वजह से हर 1 करोड़ डोजेस पर 40000 लोग हर साल अपनी जानें गवाते हैं मतलब कि सिर्फ पैरासिटामोल खाने से आप 10000 टाइम्स से भी ज्यादा रिस्क उठा रहे हो कोविड-19 वैक्सीन के कंपैरिजन में 17 मई 2021 की इस प्रेस को देखिए इसमें गवर्नमेंट बता रही है कि इंडियंस में 7 % कम चांसेस होते हैं टीटीएस डेवलप होने के अगर उन्हें यूरोपियन से कंपेयर किया जाए हालांकि गवर्नमेंट उस साइंटिफिक लिटरेचर के डॉक्यूमेंट को अटैच नहीं करती है जिसमें यह सब लिखा गया था यह है कृष्ण कुमार कुन्नाथ जिन्हें लोग प्यार से केके भी बुलाते थे लाइव परफॉर्मेंस देते टाइम इनकी तबीयत खराब हो जाती है और हॉस्पिटल तक अपनी जर्नी को पूरा करने से पहले ही इनकी डेथ हो जाती है केके ही नहीं सिद्धार्थ शुक्ला राजू श्रीवास्तव श्रेयस तलपड़े जैसे कई लोगों को हार्ट अटैक या कार्डियक अरस हुआ है पिछले कुछ सालों में और कईयों ने अपनी जान भी गवाई है अब इस सडन हार्ट प्रॉब्लम्स की जंप के पीछे तीन वजह हो सकती है इसमें सबसे पहले नंबर पर आता है यलो लाइफस्टाइल दिल्ली में रहने वाले आज ेदर अपने कुछ दोस्तों के साथ कॉफी पीने के लिए दिल्ली के खान मार्केट जाते हैं जहां उन्हें तीन बार टेबल देने से मना कर दिया जाता है क्योंकि ये टाइम था रिवेंज डाइनिंग का मतलब कि कोविड लॉकडाउन के बाद लोग रिवेंज ट्रैवल रिवेंज डाइनिंग जैसे लाइफस्टाइल पर शिफ्ट हो गए थे जिसके कारण जितनी जरूरत है उससे कहीं ज्यादा लोग ट्रांस फैट वाले छोले भटूरे बटर नान और ना जाने क्या-क्या कंज्यूम कर रहे थे इन्हीं रेस्टोरेंट्स [प्रशंसा] में और दूसरा रीजन कोविड-19 खुद ही है जहां कोविड-19 होने से हार्ट अटैक होने का रिस्क तीन से आठ गुना तक बढ़ सकता है और स्ट्रोक होने का रिस्क तीन से छ गुना तक बढ़ सकता है यह दवाई याद है डेक्सामेथासोन डेल्टा रिंट के टाइम पर इस दवाई का पूरे जोर शोर से इस्तेमाल हुआ था और यहीं पर कहानी में ट्विस्ट आ जाता है क्योंकि डेक्सामेथासोन हार्ट अटैक के रिस्क को 68 पर तक बढ़ा सकता है और इन्हीं सारे फैक्टर्स जैसे कि फर्स्ट वेव में लोगों का रिवेंज ट्रेवल और पार्टी करना फिर उसी टाइम पर कोविड के सबसे डेंजरस वेरिएंट डेल्टा वेरिएंट का भी उसी टाइम पर आना और यह सब कम पड़ गया हो तो डेक्सामेथासोन एक ऐसी दवाई जो आज तो कई जाने बचा रहा है पर कल हार्ट अटैक से कई जाने ले भी लेगा मेजॉरिटी लोगों को हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के बीच में क्या डिफरेंस है इस बारे में पता नहीं होता है और मीडिया उन्हें यह सब बता रही होती है ठाकुर ने कहा है कि कोरोना से बचने के लिए गौमूत्र सबसे बढ़िया दवाई है पर यह डिफरेंस जानना आपके लिए लाइफ सेवर भी हो सकता है अब दोनों क्या होते हैं मैं एक-एक करके आपको बताता हूं कार्डियक एरस में आपके हार्ट का इलेक्ट्रिकल सिस्टम काम करना ही बंद कर देता है स्ट्रेस और बर्न आउट की वजह से अब मैं आपको इसे एक एग्जांपल से बताता हूं चलो मान लो कि आप एक रेस ट्रैक पर अपने हाई स्पीड से दौड़ रहे हो अब अगर मैं आपको कहूं कि इसी स्पीड से आपको 100 किलोमीटर दौड़ने हैं और वो भी बिना स्पीड कम किए तो क्या आप यह रेस कंप्लीट कर पाओगे मेजोरिटी लोगों के पास इसका आंसर नहीं में होगा लेकिन अगर मैं कहूं कि बिना रुके हुए आपको चलते हुए 100 किमी कवर करने हैं तो क्या आप 100 किमी कवर कर पाओगे ज्यादा चांसेस है कि आपका जवाब हां में हो अब हमारे हार्ट का भी कुछ ऐसा ही हाल है अब क्योंकि हम कंटीन्यूअसली स्ट्रेस लेते हैं जिसके वजह से हमारा हार्ट बीट तेज हो जाता है और यह कुछ मिनटों के लिए नहीं होता है यह स्ट्रेस घंटों के लिए ऐसा ही चलता रहता है और जब इतना सारा स्ट्रेस काफी नहीं है तब हम लोग लेते हैं स्टिमुलेटिंग कोक कॉफी जैसे कैफीनेटेड ड्रिंक्स इवन सिगरेट्स जिससे हार्ट रेट बैठे-बैठे अगर 120 था तो अब वो 160 हो गया है निकोटीन जैसे स्टिमुलेटिंग फंक्शन की वजह से हार्ट बीट करना ही बंद कर देता है इसका सबसे बड़ा रिस्क फैक्टर होता है वो है स्मोकिंग लो ब्लड प्रेशर डिहाइड्रेशन और सफोकेशन बेसिकली वो सब कुछ जिससे हार्ट को बहुत फास्ट बीट करना पड़ता है जैसे कि स्मोकिंग कैफीन हिट एक्सरसाइजस करने के बाद होता है या फिर हो सकता है कि आपका हाथ बहुत ही ज्यादा स्ट्रेंथ के साथ ब्लड पंप कर रहा है जैसे कि हाई ब्लड प्रेशर हाई कोलेस्ट्रॉल और ओबेसिटी के केस में होता है ये दोनों ही कंडीशंस फास्ट बीट करना और हाई स्ट्रेंथ पर बीट करना दोनों ही कंडीशन आपको कार्डियक अरेस्ट दे सकता है लेकिन हार्ट अटैक एक एंटायस स्टोरी बन जाता है हार्ट अटैक इसलिए होता है क्योंकि आपके हार्ट के आर्टरी ब्लॉक्ड हैं ब्लड क्लॉट और प्लाक की वजह से जैसे कि केके वाले केस में हुआ था उनकी लेफ्ट आर्टरी 80 पर ब्लॉकड थी अब प्लाक बना होता है फैट और कोलेस्ट्रॉल के वजह से लेकिन जब लाक बड़ा हो जाता है तब ये ब्लड फ्लो को स्टॉप कर देता है जिससे ब्लड क्लॉट्स बन जाते हैं इसी क्लॉट की वजह से ब्लड फ्लो रुक जाता है जिससे हार्ट को ऑक्सीजन नहीं मिलता है और आपकी सांसें फूलने लगती है और सीने में तेज दर्द भी होता है और बात यहीं पर खत्म नहीं होती है अब क्योंकि हार्ट के कुछ एरियाज काम नहीं कर रहे हैं तो इसे कंपनसेटर के लिए हार्ट के अनअफेक्टेड रीजंस और भी ज्यादा स्पीड से बीट करने लगते हैं कुछ लोग इस फास्ट बीड्स को झेल जाते हैं जैसे कि स्नेहा के केस में हुआ था जिसकी बात हम लोग थोड़ी देर में ही करने वाले हैं लेकिन लेकिन केके जैसे लोग इस हाई स्पीडिंग को नहीं झेल पाते हैं और कार्डियक अरेस्ट से उनकी मौत हो जाती है यह है डॉक्टर नितेश चोपड़ा जिनकी जान एल वॉच की एक नोटिफिकेशन से बच जाती है डॉक्टर्स ने बताया कि उन्हें हार्ट अटैक आया था डॉक्टर स्नेहा जो एक पॉलिसी रिसर्चर हैं घर पहुंचते ही उन्हें हार्ट पल्पिटेशन मतलब कि बेचैनी होने लगती है लेकिन ठीक 20 मिनट बाद उन्हें एक नोटिफिकेशन आता है एल वच की तरफ से एल वॉच के नोटिफिकेशन में लिखा हुआ था कि उसके हार्ट में एट्रियल फेब्रल डिटेक्ट हुआ है मतलब उनका हार्ट नॉर्मल रिदम में बीट नहीं कर रहा था और तब तक उनका हार्ट रेट 256 बीट्स पर मिनट तक पहुंच चुका था जी हां आपने सही सुना 256 बीट्स पर मिनट जहां एक यंग एडल्ट में ये 72 बीट्स पर मिनट होता है वहां पर स्नेहा का दिल तीन गुना ज्यादा तेजी से बीट कर रहा था ये स्टोरी उन्होंने कुछ सिटीज में ईसीजी डायग्नोसिस के प्राइसेस ₹1 के आसपास होते हैं यह है कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव जिन्हें हार्ट अटैक जिम में वर्कआउट करते टाइम आता है और इसी के ठीक बाद उन्हें कार्डियक अरेस्ट भी हो जाता है इस न्यूज़ आर्टिकल को देखिए 24 घंटों में ही चार लोगों की जाने जाती हैं और वो भी सिर्फ हार्ट अटैक से तो क्या है इस फिटनेस माफिया की पीछे की कहानी चलिए देखते हैं मेजॉरिटी लोग जिम फिटनेस के लिए नहीं फिट दिखने के लिए जाते हैं और इन दोनों टर्म्स में काफी फर्क होता है और फिटनेस माफिया आपको को एक शॉर्टकट देता है फिट दिखने के लिए तो इस फिटनेस माफिया में तीन वेलन होते हैं अब इसमें सबसे पहले नंबर पर आता है फास्ट फूड एंड बेवरेजेस कंपनी इस न्यूज़ आर्टिकल को देखो इसमें लिखा है कोको कोला कैसे साइंटिस्ट को फंड करता है यह बताने के लिए कि अगर आपको वेट गेन को कंट्रोल करना है तो कैलोरी कट करने की जरूरत नहीं है आप एक एक्टिव लाइफ स्टाइल मेंटेन करो और कोकाकोला सिप करते जाओ बात यहीं पर खत्म नहीं होती है नॉर्मली यह देखा गया है कि जिम के बाद लोग कंपनसेटरी बिहेवियर शो करते हैं मतलब कि आप जिम के बाद एक या दो सोडा कैन नहीं तीन या चार सोडा कैन पीने वाले हो और इसीलिए कोकाकोला इन फिटनेस सेंटर को फंड करता है जिससे इनके रेवेन्यू कई गुना तेजी से बढ़ते हैं फिर आते हैं जिम सर्कल वाले जो आपको इस बात पे भरोसा दिलाते हैं कि फिर देखने के लिए वर्कआउट करने की भी जरूरत नहीं है बस आपको जिम आते रहना है बाकी स्टेरॉइड्स को वो देख लेंगे कोई डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन की जरूरत नहीं है लेकिन बहुत सारी स्टडीज ये शो करती हैं कि अनाबॉलिक स्टेरॉइड्स से एलडीएल के लेवल्स काफी बढ़ जाते हैं जिससे आपके आर्टरी में प्लाक बन जाता है और किसी दिन यही प्लाक ब्रेक करता है और आपको हार्ट हो जाता है इस जरजर बिल्डिंग को देखिए कोई जान नहीं बची है इस बिल्डिंग में लेकिन फिर मैं आपको कहूं कि आपको इस बिल्डिंग में जाना है पार्टी करना है भांगड़ा करना है तो शायद आप एक बार के लिए यह सोचो कि इतनी वाइब्रेशन से बिल्डिंग गिर गई तो ऐसा ही कंडीशन आपके हार्ट का है और इस फिटनेस माफिया में लास्ट विलन भी आप ही हो ये मैं इसलिए कह रहा हूं क्योंकि मेजॉरिटी लोगों में यह देखा गया है कि पहले वो ओवरवेट होते हैं फिर वो जिम का मेंबरशिप लेते हैं और एक ही दिन में पूरे महीने की एक्सरसाइज कर लेते हैं और इसी से हार्ट अटैक होने के चांसेस बहुत ज्यादा बढ़ जाते हैं और इसमें आपकी गलती नहीं नहीं है क्योंकि कोका कोला और pepsi-cola एक बार चाहिए यह कमेंट में जरूर बताना तो मिलते हैं नेक्स्ट वीडियो में
2 Comments
I am a big fan of yours. Great analysis. Keep it going.
Very informative