Life is enjoy in Russia

एक दिन रशिया में मैं कैंपिंग करके मोटरसाइकिल से निकला तो मैंने सोचा एक कॉफी ब्रेक ले लिया जाए एक ढाबे पे रुक के जब मैंने कॉफी मांगी तो आंटी जी ने पूछा क्या तुमने नाश्ता किया है जब मैंने बोला नहीं तो उन्होंने मुझे नाश्ता कराया और रास्ते के लिए एक ब्रेड भी पैक कर दी जब मैंने पूछा आंटी पैसे कितने हुए तो उन्होंने पैसे लेने से इंकार कर दिया कहती तुम एक मुसाफिर हो और हमारे मेहमान हो तुमसे पैसे नहीं लेंगे अब मैं मंगोलिया और मंगल ग्रह के बीचोबीच था जी हां साइबेरिया में एक जगह है जिसका नाम मार्स है और मैं भी प्यार से अपनी मोटरसाइकिल को मंगलयान बुलाता था सब कुछ एकदम चौकस चल रहा था कि अचानक से बाइक खांसने लगी मैंने अपने राइडर प्रोवाइडर दोस्त मौज बाहर को फोन करके पूछा कि मसला क्या है उसने बताया ब्रदर आपका तो स्पार्क प्लग फुक गया है किसी तरह मोटरसाइकिल को मैं बॉर्डर के पास वाले गांव तक ले गया मगर मैकेनिक कहीं नहीं मिला फिर एक अंकल मेरी परेशानी देखते हुए मुझे बाजू वाले गांव में ले गए वहां पे एक मैकेनिक मिला जिसके पास भी उसी ब्रांड की मोटरसाइकिल थी और स्पार्क प्लग भी मैंने उससे मंगोलिया पहुंचने से पहले बाइक की फुल सर्विस कराई और अब मैं और मेरा मंगलयान दोनों तैयार थे मंगोलिया के मंगलमय सफर के लिए लाइफ इज एंजॉय

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