Are you thinking about working for Wolt in Lithuania using a car or a bicycle? In this video, I dive into everything you need to know about Wolt delivery in 2025. I explain how the platform works, what it’s like to deliver using a bike or a car, and the pros and cons of each option. Whether you’re considering joining Wolt as a courier or just want to understand which method is more efficient and profitable, this video will give you clear insights based on real experience. From setup to earnings, I cover it all to help you decide what’s best for you.

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तो एक और वैशी वीडियो के साथ आपकी खिदमत में हाजिर हैं। आज है हमारे साथ शाह जी और आज की वीडियो बहुत हीेंट है। शाह जी सलाम कर दिया जवाब भी दे देना। ठीक है भाइयों। अच्छा यार आज की जो वीडियो है ना वो बहुतेंट है क्योंकि बहुत सारे जो स्टूडेंट्स हैं में जब वो आते हैं तो वो साइकिल पे काम करते हैं एज अ फूड डिलीवरी बॉय और शाहजी गाड़ी पे करते हैं तो थोड़ा सा इसमें देखेंगे डिफरेंस क्या है कमाई के हवाले से और कितने बेनिफिट्स गाड़ी में है और कितने ज्यादा जो नुकसान है वो साइकिल पे हैं या स्कूटी पे आप समझ लें इस हवाले से बात करते हैं तो शाह जी गाड़ी का क्या सीन है आप लाइसेंस आप है भी या नहीं भी तो वो क्या मामलात सिस्टम है इसके देखिए जी सबको असलाम वालेकुम पहली बात ये है कि गाड़ी का लाइसेंस जो है आपने सबसे पहले जब भी आप पाकिस्तान से आ रहे हैं आपने एक तो इंटरनेशनल बनवाना है और उसके बाद एक ऑटोमोबाइल एसोसिएशन है वहां से बनता है इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट जिसको हम आईडीपी इन शॉर्ट बोलते हैं। ये कहां से बनेगा? ये आपको लाहौर में ऑफिस है। ऑटोमोबाइल्स एसोसिएशन। ठीक हो गया। ठीक है? यह गार्डन टाउन के पास है। वहां से यह बनेगा आपका। सही हो गया। ठीक है? आपने वहां से लाजमी बनवाना है। जो यहां पे चाहते हैं कि वो यहां पे आके गाड़ी चलाएं। तो ये आपके लिए बहुत जरूरी है। इसके बगैर आपको यहां पे अलऊ नहीं करेंगे। दूसरी बात ये होती है आपके पास आईडीपी होता है या इंटरनेशनल होता है तो आप यहां का जब लाइसेंस ले तो कन्वर्ट करवाना चाहे तो वो उससे इजीली प्रोसेस हो जाता है। तो शाह जी क्या मतलब आपको लगा है कि बेनिफिट है या मतलब नुकसान है फायदा है गाड़ी का मतलब क्या सीन है इसका देखिए पहली चीज गाड़ी पे और साइकिल में फर्क ठीक है साइकिल के अपने कुछ प्रोस एंड क्स हैं और गाड़ी के अपने कुछ प्रोस एंड क्स हैं। मैं आपको डिस्कस करता हूं साइकिल पे आपको कोई रूल्स एंड रेगुलेशंस की प्रॉब्लम नहीं है। कोई नहीं है। हम फुटपाथ पे चलाते हैं। आप वन पे जा सकते हो। आप रोड पे चला सकते हो। आपकी चॉइस है। हम ठीक है? इसमें आपको कोई टेंशन की फिगर या कुछ भी ऐसा नहीं होता। ठीक है? जहां आप चाहे आप गाड़ी चला सकते हैं। इवन के आपने रॉन्ग वे पे गए हैं। रॉन्ग वे से आपने जाके आर्डर पिक किया है और आप डिलीवर करने भी रोंग वे पे जा रहे हैं। कोई इशू नहीं है। इसमें कोई मसला नहीं होता। गाड़ी पे होता है कि गाड़ी पे आपको अपनी सेंसेस को ओपन रखना पड़ता है। आप ऐसे नहीं है कि जैसे पाकिस्तान में आप गाड़ी चला रहे हैं, सो रहे हैं तो आपने गाड़ी निकाल ली है। आपने नहीं बिल्कुल गलत है। यहां पे ऐसा कुछ नहीं होता। ठीक है। आप जब आते हैं किसी और कंट्री तो आपके उसके रूल्स को उसके रेगुलेशंस को अडॉप्ट करना पड़ता है। वहां पे सर्वाइव करने के लिए। शाह जी ये कितने कितने घंटे आप चलाते हैं? तो क्या सीन है पेट्रोल का? कितने घंटे एवरेज? बेसिकली मेरा ऐसा है कि मैं मिनिमम 10 घंटे काम करता हूं। ठीक है? ठीक है? तो उसके हिसाब से मुझे लगता है कि जो 10 यूरोस का फ्यूल जो है ना मैं यहां पे इसमें डलवाता हूं। लेकिन 10 यूरोस के हिसाब से भी उसमें थोड़ा अभी होता है कि मैं अभी और काम करूं हम तो मैं वो फ्यूल जो है मेरा एक दिन का चल जाएगा। अच्छा अभी मैं बात एक करता हूं के अगर फॉर एग्जांपल मैंने साइकिल पे 50 कमाए हैं तो 50 के 50 मेरे हैं। भाई ने 50 कमाए हैं। तो 40 इनके पास आएंगे क्योंकि 10 यूरो इन्होंने पेट्रोल डलवा लिया। ऐसा ही है। एक्साक्ट्ली। 10 आप समझ ले। फॉर एग्जांपल मैं कहता हूं आपने 8 भी पेट्रोल के निकाल दिए। हां। लेकिन उसमें क्या है? 2 जो बकाया है वो आप मेंटेनेंस के साइट पे करोगे। जी। आपने गाड़ी का ये सीन होता है गाड़ी में यहां पे आपके पास गाड़ी डिपेंड करती है। कुछ गाड़ियां होती हैं वो 6 8000 कि.मी. के बाद ऑयल चेंज मांगती है। कुछ होती है 10,000 कि.मी. के बाद मांगती है। तो आपने वो जो 2 सेव किए हैं ना वो आपने इस सेंस में सेव किए हैं कि जब मैं इसका ऑयल चेंज करवाऊंगा तो ये दो मैं उसके लिए अभी से निकाल के रख रहा हूं। साइकिल की मैं आपको एक बात बताता हूं। मेंटेनेंस उसमें नहीं है। ब्रेक पैड होते हैं, टायर होते हैं। ठीक है? कभी कबभार मोटर का इलेक्ट्रिक ये वो। अच्छा एक और बात भी है। आपकी जो बैटरी होती है वो घर लेके जाते हैं। चार्जिंग को लगाते हैं। बिजली का बिल में थोड़ा बहुत फर्क आता है। इतना खास नहीं आता बट थोड़ा बहुत आता है। 10 का, 12 का, 8 बस इतना इससे ज्यादा नहीं आता। तो ये मामलात सिस्टम है। अच्छा अब मैं आपको साइकिल की एक बड़ी अच्छी बात बताता हूं। रश में ये फंसे रहते हैं गाड़ी वाले। हम निकल जाते हैं। अच्छा ये ये बहुत जबरदस्त है। ये बड़े मजे की बात है। सम टाइम इशारे भी होते हैं। लगे होते हैं क्रॉसिंग से ज़ब्रा क्रॉसिंग करके हम अपना सामान भी मतलब पहुंचा देते हैं। दो आर्डर भी पहुंचा दें। ये ट्रैफिक में फंसे हुए हैं। देखिए अब ये ट्रैफिक है ना अब ये ट्रैफिक में बिल्कुल जो है वो इस वक्त फंसे हुए हैं। लेकिन हमारा ये हमारा ये सीन नहीं होता। हम हम जो है वो हम निकल जाएंगे। हम निकल जाएंगे। ऐसा होता है कि जो गाड़ी वाले हैं ना 3 से छ के दौरान या तो वो ब्रेक ले लेते हैं या वो किसी ऐसे दूरदराज के एरियाज में चले जाते हैं जहां पे ट्रैफिक का मसला क्योंकि तीन से छ के दौरान ऐसा होता है कि स्कूल को ऑफ होता है। पेरेंट्स अपने बच्चों को स्कूल से पिक करते हैं। घर ड्रॉप करते हैं। ठीक है? और दूसरी बात सम ऑफिसिसेस होते हैं। जैसे यहां पे वर्किंग स्टार्ट हो जाती है। सुबह 6:30 7:00 बजे। ये लोग 5:00 बजे उठ के 7:00 बजे ऑफिससेस होते हैं। तो ये 3:00 बजे ऑफ कर लेते हैं। ठीक है? तीन से छ का टाइम जो होता है ना वो ऑफिससेस के ऑफ टाइमिंग का होता है और दूसरा बच्चों के स्कूल के ऑफ का टाइम होता है तो उस टाइम होता है काफी रश यहां पे ये लोग वापस जा रहे होते हैं तो उसमें गाड़ी पे फिर आपको एक ऑर्डर जो है ना वो तकरीबन एक घंटा लगा देता है हम तो वो आपको ना बड़ा मसला होता है स्पेशली आपने देखा होगा जो गाड़ी वाले हैं वो यहां पे एक ओल्ड टाउन का एरिया है बिलस में वो ओल्ड टाउन में नहीं करते वो ओल्ड टाउन के पास भी नहीं आते क्योंकि एक ऑर्डर भी अगर आपको ओल्ड टाउन से आ गया और आपने वो पिक कर लिया तो ओल्ड टाउन से निकलने में आपको मिनिमम भी 45 मिनट्स वन ऑवर आपको लगता है। हम मैं एक और बात करता हूं। भाई ने जिस तरह बात की है ओल्ड टाउन की। आप ये समझ लो कि हर एरिया का एक सिटी सेंटर होता है। जिस तरह इंडिया पाकिस्तान में सदर हो गया। हमारा ना अब ये आपको बड़ी इंपॉर्टेंट मैं बात बताता हूं। ये जाते हैं 8 कि.मी. 5 कि.मी. 9 कि.मी. 11 कि.मी. दूरदराज एरिया में। ठीक है? 3 की डिलीवरी 4 की। हमने पास ही देना होता है आर्डर दो 2, 2.5, 3 में। ठीक है? ज्यादा से ज्यादा 4 कि.मी. चले जाएंगे, साइकिल पे चले जाएंगे, आराम से सुकून से। यह मामला है। ये फिर इनको जरा जाना पड़ता है, सफर करना पड़ता है। अच्छा सबसे मेन और बहुत ही इंपॉर्टेंट जो बात है वो अभी आपको मैं बताने लगा हूं। वो है भाईजान बारिश और सर्दी। ठीक है? बारिश और सर्दी में ना मामलात ये होते हैं कि गाड़ी में टेंशन ही नहीं है। साइकिल वाले भाईजान रुल रहे होते हैं। बर्फ में आप काम यहां पर बहुत मुश्किल होता है करने में। हाथ आपके जम जाते हैं। चार-चार आपने जो है वो सॉक्स पहने हुए हैं। ग्लव्स हैं। आपने कवर किया हुआ है। टॉप भी है। मतलब आप फुल कवर करते हो। गाड़ी में है चलो थोड़ा सा आपको नॉर्मल रहता है और एसी वगैरह ऑन कर दिया। क्यूशा जी ऐसे ही है। बिल्कुल बिल्कुल ऐसे ही है। देखिए जी ये चीज जो है गाड़ी वालों के लिए ये चीज तो एक जबरदस्त है कि उनको एक कंफर्ट ज़ोन मिला हुआ है। एक तरह से सर्दी हो, गर्मी हो अगर आपकी सर्दी है तो आपने हीटर ऑन कर लिया। अगर गर्मी है आपने एसी ऑन कर ली है। ये बेनिफिट गाड़ी वालों को है। ठीक है? हां। इन अगर आप कंपैरिजन करते हैं साइकिल का तो साइकिल में फिर ये है कि आपको रूल्स नहीं है। हम लेकिन गाड़ी में फिर आपको ये है। लेकिन गाड़ी में ये है कि फिर आपको जब काम अच्छा होता है तो आपको अर्निंग्स भी अच्छी मिलती है। हां। ये वाली में फिर ये होता है कि जब आप सर्दी में जब साइकिल वाले बिल्कुल बंद हो जाते हैं तो फिर गाड़ी वालों का काम होता है और गाड़ी वाले फिर अच्छी अर्निंग करते हैं। हम अब गाड़ी का जो एक छोटा सा नुकसान है वो ये भी है कि आपको ना पार्किंग वगैरह में ढूंढने में आपको बड़ी मुश्किल का सामना करना पड़ता है। रेस्टोरेंट के बाहर आप जाते हो। गाड़ी पार्किंग है तो कभी आप डिलीवरी के लिए जा रहे हो। वहां पर आपको पार्किंग नहीं मिलती। हम साइकिल वाले हैं। साइकिल वाली जहां मर्जी खड़ी कर दी। मसला ही नहीं होता। किसी चीज का कोई प्रॉब्लम नहीं होता। अच्छा यार तो इसके अलावा साइकिल के हवाले से मैं एक बात और करना चाहता हूं। एक छोटा सा फायदा भी समझ लें या नुकसान समझ लें। वो ये है कि आपने जब काम करना है ना साइकिल के ऊपर तो आप सुबह निकलें काम पे। दिन को 2:00 बजे 2:30 बजे घर आ जाए। उसके बाद अपना रेस्ट करें। ठीक है? सुकून करके चल मॉल करके खाना खा के 4:00 बजे काम पे फिर निकल जाए। तो अब मैं पूछता हूं कि गाड़ी वाले जो भाई हैं हमारे श वो घर आते हैं या नहीं आते? क्या सीन है? श जी घर आते हैं आप? यार हमारा ऐसा सीन होता है कि हम 9 10 बजे काम पे निकल जाते हैं क्योंकि उसके बाद काम हो जाता है स्टार्ट। अच्छा ठीक है। काम करने के बाद हम पे डिपेंड करता है। अगर हम घर आना चाहें तो आ सकते हैं। अगर ना आना चाहें तो नहीं आ सकते। लेकिन हम घर आ जाते हैं क्योंकि 2 से 3:00 बजे जो है ना अ ट्रैफिक स्टार्ट होना शुरू हो जाती है। उसके बाद जो है काम नहीं फिर जो होता है ना काम बहुत डिले करता है। हम ठीक है। रश बहुत हो जाता है। ऑर्डर्स आपको डिले करते हैं। तो हम उस टाइम हम ब्रेक लेना सही समझते हैं। क्योंकि हम अगर सुबह नाश्ता हल्काफुल्का किया है। हम हम चाय पी के हम आ गए हैं। हां हां तो फिर हम उस टाइम घर जाएंगे और खानाशाना खाएंगे। हम हम और उसके बाद फिर 5:00 बजे जो होता है काम शुरू होता है दोबारा। 5:00 से लेके रात कितने बजे तक? फिर 5:00 से लेके रात 11:00 बजे तक काम होता है। 11:00 से 12:00 काम नहीं होता। अच्छा अब मुझे एक और बात का बताएं के मैं आपको एक और बात ऐड भी करता हूं। शाह जी से भी पूछता हूं। हम रात को साइकिल वाले काम नहीं करते। ठीक है। रात को जाहिरी बात है थोड़ा सा मसले मसाइल होते हैं। सिक्योरिटी वगैरह होता कोई नहीं है। लेकिन एक अच्छी बात है। गाड़ी पे अब क्या सीन है? और गाड़ी का सबसे बड़ा फायदा वीकेंड का। शाह जी वीकेंड के हवाले से भी बताएंगे कि हफ्ता इतवार जो नाइट्स होती है उनका क्या सीन होता है। शाह जी वो जरा बताएं ना जरा ब्रीफली थोड़ा सा वो क्या सीन है? श्योर श्योर गाड़ी का ये सीन होता है कि गाड़ी पे ना वीकेंड्स पे हां हां बहुत जबरदस्त काम होता है। रात को रात को आप ये है कि मैं बेसिकली ऐसा करता हूं कि जब वीकेंड्स पे काम होता है मैं निकल जाता हूं। और मैं रात को लगाता हूं। मतलब मैं दिन भी लगाता हूं और पूरी रात भी लगाता हूं। अच्छा फिर मैं सुबह को 4 5 या 6:00 बजे आईडी बंद करता हूं और फिर मैं घर आता हूं। हम् उसमें फिर चलो एक अच्छी अमाउंट आपकी बन जाती है। हां क्योंकि वह दिन होते हैं काम वाले उसमें आपको काम करना होता है। मतलब वीकेंड में यही एक फ्राइडे नाइट होती है जो मैं लगाता हूं रात को और एक सैटरडे नाइट होती है क्योंकि ये वीकेंड होता है इनका ऑफ होता है आगे तो फिर ये पूरी नाइट जो है जो एंजॉय करते हैं खाना वगैरह ऑर्डर करते हैं। अच्छा फिर उस रात को काम बहुत अच्छा होता है गाड़ी वालों के लिए स्पेसिफिक। सही है। तो ये थे कुछ बेनिफिट्स प्रोज़ एंड क्स से मोटे-मोटे। कोई इतनी बड़ी कोई लॉजिक भी नहीं है, साइंस भी नहीं है। बात करते हैं अब पैसे की। भाई गाड़ी वाले पैसे बनाते हैं ज्यादा या साइकिल वाले? तो इस हवाले से शाह जी आप क्या कहेंगे? साइकिल वाले बनाते हैं या ब्रदर ये डिपेंड करता है काम पे। यूजुअली तो ऐसा होता है कि गाड़ी वाले ही अच्छा बनाते हैं। अच्छा बनाते हैं गाड़ी वाले। क्यों? क्योंकि थक थकते नहीं है। 10 12 घंटे स्टेट काम कर लेते हैं। हां। ठीक है। सिर्फ ट्रैफिक के टाइम थोड़ा सा वो होता है। लेकिन ट्रैफिक के टाइम वो दूर दराज एरियाज में निकल जाते हैं। जहां पे ट्रैफिक नहीं होती। हम अदरवाइज गाड़ी वाले जो है वो अच्छा पैसा बनाते हैं। हां। लेकिन जब साइकिल वाले अच्छा बनाते हैं तो उसमें आप ये देखते हैं कि साइकिल पे जो आप पैसा बनाते हैं वो सारा का सारा आपकी जेब में जाता है। लेकिन जो हम गाड़ी पे पैसा बनाते हैं वो सारा हमारी जेब में ही जाता है। कुछ हमें उसको मेंटेनेंस फ्यूल के लिए हमें निकाल के रखना पड़ता है। हम यार इसी के साथ-साथ मैं आपको एक और भी बात बताता चलूं गाड़ी के हवाले से। देखो आपने अब जाहिर बात है फ्यूचर में आपने अगर लाइसेंस वगैरह के लिए अप्लाई करना है तो आपको रोड वगैरह का तो सारा पता होगा। ठीक है? आप अपना लाइसेंस के लिए भी अप्लाई कर सकते हैं लथनिया का। तो उसके हवाले से ना ये बेनिफिट है गाड़ी का। जबकि साइकिल में आप क्या आप साइकिल चला रहे हो, चला रहे हो कोई बेनिफिट ही नहीं है। कुछ भी नहीं है। बस चला ही रहे हैं। तो ये मामलात हैं। ठीक है? ये थी आज की वीडियो। इंशाल्लाह आपको मजीद इसके हवाले से और भी मुनफद वीडियो जो है लथनिया के हवाले से बनाते रहेंगे। मुझे और शाहजी को इजाजत दें। ओके की रिपोर्ट है।

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15 Comments

  1. As I have heard international students are not having good amount of money by doing food delivery job in Lithonia per the present situation. Is it true?? Please reply

  2. Go home, you are not needed here. You are destroying the market, when the minimum order is now just 2eur, whereas before, when there weren't so many of you, it was 5eur minimum. There was earnings, and now you are ruining everything, the locals can no longer earn, and the local customers are horrified when you wander for an hour, two hours through the city with orders. There are enough locals in Lithuania, but of course businesses want slaves, so you are slaves…

  3. What’s the system with Bolt and Wolt’s new rules about the Lithuanian language certificate starting from January 2026? Will it apply only to new accounts created after that date, or to everyone — including those who are already working or who create their accounts a month or two before?

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