Welcome to Germany Diaries 02
Tour to Lindau – A Hidden Gem on Lake Constance!
Join me on a peaceful walking tour through Lindau, a picturesque island town in southern Germany, nestled on the shores of Lake Constance (Bodensee). The history of the city can be traced back to the 9th century.
Lindau is a popular tourist attraction in the South of Germany. The gardens of Lindau are best in spring or summer blossom and summer is the peak tourist period. Lindau is famous for its architecture and outdoor attractions such as cycling, sailing, hiking, swimming and camping are also popular.
• Harbour entrance with lighthouse and Bavarian Lion sculpture (Island of Lindau)
• Church of St. Stephan (Evangelical Church), c. 1180 with remodelling in 1782
• Church of St. Peter (founded about 1000), became a war memorial church in 1928
• Minster ‘Unserer Lieben Frau’ former church of the monastery ‘Maria Himmelfahrt’ (which is German for Assumption of Mary), with St. Marien (Stiftskirche)
• Maximilianstraße (main street through the Island of Lindau with shops and restaurants)
• Historic Town Hall
• Casino Spielbank Lindau
• Gardens and Parks of Lindau, e.g. Lindenhofpark
• Museum ‘Haus zum Cavazzen’
• Theatre Lindau
• Boat trips by Bodenseeschifffahrt
• Lindau’s Old Book Archive (ERB – Ehemals Reichsstädtische Bibliothek) with books from the 15th to 18th Century inside the historic town hall
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हाय गाइस, वेलकम टू माय चैनल जर्मनी डायरीज। आज मैं आपको एक नए शहर में ले चलता हूं। हम चल दिए हैं लिंडाऊ की तरफ। ये एक छोटा सा शहर है जर्मनी में। और आज सुबह जब हम निकले तो थोड़ा हल्की सी बारिश भी थी और सैटरडे का दिन है ये। और मेरे घर से जो ट्रेन स्टेशन है यह तकरीबन एक 10 मिनट का रास्ता है। तो जाहिर सी बात है हम पैदल ही चल दिए। ये जो आप देख रहे हैं यह बस स्टॉप है जिसको यहां पे बानहौफ बोला जाता है। तो इसी के साथ हम लोग पहुंच गए अपने रेलवे स्टेशन पे। यह जो आप देख रहे हैं यहां का रेलवे स्टेशन है। थोड़ा सा वक्त बाकी है ट्रेन आने में। तो जाहिर सी बात है वैसे भी यहां लोग कम होते हैं और अब यह सुबह का टाइम है तो इतना नहीं है। यह हमारी ट्रेन आ गई। देखो अब हम लोग यहां से ट्रेन में बैठेंगे और तकरीबन यहां से 1 घंटे की ट्रेन है लिंडाऊ जाने के लिए। रास्ते का सफर बहुत ही सुहाना होता है। 1 घंटे के सफर के बाद हम लोग पहुंच गए लिंडाऊ रेलवे स्टेशन। अब हम थोड़ा बाहर निकलते हैं और ट्राई करते हैं एक्सप्लोर करने के लिए। सो यह फाइनली आपका लिंडा और रूटीन है। अब यहां पर तैयब भाई ने कहा कि भाई जोहर का वक्त निकल चुका है। लेकिन यहां करीब में एक मस्जिद है जो लिंडाओं की बहुत ही खूबसूरत मस्जिद है। वहां जाते हैं। हम लोगों ने बस लेकर रास्ते का नजारा लेते हुए तकरीबन रेलवे स्टेशन से मस्जिद की दूरी तकरीबन एक 10 मिनट का है। ट्रेन से हम लोग बातें करते हुए जर्मनी के बारे में हम लोग सोचे कि चलो इसी बहाने एक मस्जिद का जियारत भी हो जाएगी और जोहर की नमाज भी अदा हो जाएगी। तो यह काफी अच्छा नजारा आप देख सकते हैं। ये रेलवे ब्रिज है और फिर हमारा यहां से सफर शुरू हुआ। थोड़ी देर में बस ने हमें ड्रॉप किया और हम लोग निकल चले मस्जिद की तरफ। यह सामने आप देख रहे होंगे बहुत ही खूबसूरत मस्जिद है। जनरली यहां पे मस्जिदों में पार्किंग होती है। आप देख सकते हैं यह सेंट्रल मॉस्क है लिंडाऊ की जो जिसको यहां पे टर्किश मॉश कहा जाता है। मतलब टर्कियो ने बनाई है। काफी खूबसूरत मस्जिद है। पांडे जी बाहर बैठ गए। और मैं और तैयब भाई चले जोहर की नमाज पढ़ लें। ये नमाज के बाद ये मस्जिद का नजारा देखिए। बहुत ही खूबसूरत मस्जिदों को यहां रखा जाता है और टर्किश मॉस जो है टर्किश मस्जिद जो है एक पैटर्न होता है। बाहर की तरफ आपको ये नोटिस वगैरह मिल जाएगी, दुआएं मिल जाएगी और आप जब तकरीबन हर मस्जिद में आपको एक वेंडिंग मशीन मिलेगी। जाहिर सी बात है आप कैश या क्रेडिट कार्ड से आप ले सकते हैं। बाहर का सेहन काफी बड़ा होता है क्योंकि जब लोग नमाजी आते हैं तो उनको रूल्स रेगुलेशन के हिसाब से पार्किंग की जगह मिलना चाहिए। जोहर की नमाज अदा करके हम निकल चले अपने बस स्टॉप की तरफ। यह जो आप देख रहे हैं, यह यहां का बस स्टॉप है और यहां की जिंदगी ऐप से ही चलती है। 5 मिनट में हमारी बस थी। हम बस लेके फिर से अपने टूरिस्ट स्पॉट की तरफ जो कि हार्बर है, वहां पे हम निकल चुके हैं। तकरीबन 10 मिनट लगा और हम लोग अपने पॉइंट पे जहां से हमें घूमना स्टार्ट करना था, हम लोग वहां पहुंच गए। अब आगे का सफर देखते हैं किस तरीके से यह लिंडाऊ हारबर का एरिया है। काफी साफ सफाई मिलेगी आपको। कोई भी सिटीजन आपको कचरा यहां वहां फेंकता नहीं मिलेगा। खासतौर से गुटके की पिक है। सिगरेट की कुछ चीजें मिल भी सकती है, मिलती भी है। लेकिन साफ सफाई काफी रहती है। ये जो आप नीचे देख रहे हैं जाहिर सी बात ये पेड़ के पत्ते हैं ना कि गंदगी है। और पार्किंग वगैरह का काफी सिस्टम होता है। यहां के नियम के हिसाब से जो एरिया लोग डेफिनेटली वहीं पर पार्क करते हैं। और यह जो सामने आप नजारा देख रहे हैं, यह जो नजारा है पीछे जो दिख रहा है आपको, यह है यहां का लिंडाऊ हार्बर। काफी रश होता है। अभी हम थोड़ी देर में एक्सप्लोर करेंगे। हम लोग भी पहली बार आ रहे हैं। और तकरीबन मुझे लगता है एक से 1ढ़ घंटा हम लोग यहां पे स्पेंड करेंगे। डिपेंड ऑन कितना इंटरेक्शन है। यह है लिंडाऊ हारबर। अब हम यहां से लेफ्ट में जाएंगे। और बिकॉज़ पहली बार यहां पर आए हैं तो फिर जाहिर सी बात है फोटो बनता है। तो यह हमारे पांडे जी हैं। ये हमारे तैयब भाई हैं। और यह मैं खुद हूं। सो अब यहां से थोड़ा घूमने के बाद हम लोग बोले चलो थोड़ा फोटो शूट हो गया। अब इस स्ट्रीट पे आते हैं। सारा अट्रैक्शन आपको इस स्ट्रीट पे ही मिलेगा। काफी टूरिस्ट मिलेंगे आपको। ये मैक टावर है। Google में आप इसके बारे में पढ़ सकते हैं। इसका क्या डिस्क्रिप्शन है? काफी स्ट्रीट टैलेंट मिलेगा आपको। ये कोई बेगर नहीं है। ये अपना टैलेंट दिखा रहे हैं। इसको जो समझ में आता है एक यूरो दो यूरो उनके में डाल देता है। ये काफी कॉमन है जर्मनी के अंदर जहां पे ये अपना टैलेंट दिखा रहे हैं। देखो लोग पैसे दे रहे हैं उनको और इस तरीके से इनकी भी रोजीरोटी चलती है। बस इसी के बीच ये नजर आए ये हजरत जबरदस्त कैमरा लेके ये उनका ही फोटो शूट कर रहे थे। मुझे लगा कि इनको भी वीडियो में जगह देना चाहिए और यह तो याद ही होगा आपको हमारे डंकी के शाहरुख खान वाला याद होगा। अब ये सांप बिल्कुल हिलते नहीं है। जबरदस्त का आर्ट है ये। कितने घंटे खड़े रहते हैं और लोग उनके साथ फोटो लेते हैं और फिर उनके बैग में जो पैसे देने हैं वो पैसे डाल देते हैं। ये दूसरा आर्ट है। देखो हमने बचपन में सर्कस में देखा है। ठीक है? और यह भी काफी कॉमन है। बच्चे काफी अट्रैक्ट होते हैं इसके से और काफी फोटोग्राफी लोग करते हैं इसके साथ। इसी के साथ हम लोगों ने सफर को आगे बढ़ाया और देखा कि और क्या एक्सप्लोर हो रहा है। काफी पब्लिक है यहां। जाहिर सी बात है सैटरडे के दिन काफी रश होता है। यहां पे काफी टूरिस्ट होते हैं। और लेफ्ट साइड में आपको टोटल होटल मिलेगी। बिकॉज़ जब इतने लोग आ रहे हैं तो खाने पीने का भी फैसिलिटी होना चाहिए। तो काफी होटल नजर आएगी आपको। अब हम लोग थोड़ा आगे बढ़ते हैं और ये देखिए ये रोड साइड भी उसी पे आर्ट होता है। यह पूरा हैंड मेड आर्ट है। काफी इंटरेस्टिंग है और काफी समय लगता है पेंटिंग के लिए और महंगा भी बिकता है बिकॉज़ ये हैंड मेड है ना कि प्रिंटेड है। इसी के साथ-साथ आप काफी चीज देख सकते हैं। देखिए जैसे यहां साइकिल वगैरह रखा है। हमारे इंडिया में काफी चीजें मिलती है। ये लोग यहां पर अपना सेल करते रहते हैं। ये देखो कोई जबरदस्त चीज थी। यह साहब बैठे हुए हैं। इन्होंने मुझे पकड़ भी लिया। कहा कि वीडियो बना रहे हो तो एक यूरो दो यहां पे लिख के लगाया हूं। मैंने कहा भाई मुझे जर्मन नहीं आती है। ऐसा मैं बच गया। और ये काफी चीजें आपको दिखेगी रोड साइड में टूरिस्ट रेस्ट्रक्शन के लिए है ना और चीजें मिलेगी। यह आपका हार्बर है। काफी बोट है। इसी बोट जैसे हमारे गेटवे पे रहती है। लेकिन ये यहां की BMW है। है ना? इंसान के साथ यहां पे इनके जानवर भी आते हैं घूमने के लिए। साइकिल काफी कॉमन है जर्मनी के लिए। अब हमने सोचा कि चलो हम लोग ऊपर हार्बर की तरफ जाते हैं। जबरदस्त नजारा है। ठंडी हवा है। वैसे भी यहां काफी ठंडी है। लेकिन आप नजारा देख सकते हैं। एक जबरदस्त पेैनोर्बिक व्यू है। बीच में बोट्स चल रही है। ये चल रहा है। यही है लिंडाओ हर्बल। और यह जो देख रहे हैं यह लाइट हाउस है। और यह जो हमारा शेर बैठा हुआ है, यहां का बबर शेर है। इसकी अपनी एक हिस्ट्री है जो आप Google में जाके देख सकते हैं। लिंक मैं डिस्क्रिप्शन में डाल देता हूं। आप डेफिनेटली देख सकते हैं। यह यहां का बबर शेर है जिसको बबेरियन लायन कहा जाता है। काफी लोग यहां पे फोटो शोटो निकालते हैं। हमारे पांडे जी ने भी यहां पे फोटो शूट किया। लाइट हाउस भी काफी खूबसूरत है। यह एक आइलैंड सिटी है। अगर आप Google में पढ़ेंगे इसके ऊपर तो। इसके साथ-साथ आप हम आगे बढ़े तो पता चला यहां पे भी लॉक की प्रथा है। लोग अपनी विनती करते हैं और एक लॉक लगा देते हैं। लगता है इन्होंने बंद कर दिया है। ये बोट का नजारा देखो आप कितने बोट्स हैं और कितने बोट्स को इन्होंने कवर भी करके रखा है। ठीक है? फिर वहां से घूमने के बाद हम लोग आए। सारे यहां पे जो वाटर के स्पोर्ट्स वगैरह हैं इसके सारे डिटेल्स हैं। इसके बाद हम निकल पड़े ओल्ड टाउन की तरफ। है ना? मोहतरमा को मत देखो यार। यह ओल्ड टाउन की खास बात यह है कि आपको हर बिल्डिंग का एक कलर मिलेगा। यह आप Google पे इसका डिस्क्रिप्शन देख सकते हैं। और बहुत ही खूबसूरत गलियां हैं यहां की। आप साफ सफाई देखिए और हर बिल्डिंग का कलर आपको एक अलग मिलेगा। आप देख सकते हैं। ये यहां की खूबसूरती है। अभी हम लोग इनका जो बाजार के एरिया है वहां पे आ गए। आप देखो दूर से आपको दिख रहा होगा हर बिल्डिंग का कलर अलग है। काफी शॉप्स हैं। काफी टूरिस्ट अट्रैक्ट होते हैं यहां पे। और हम लोग भी स्लोली स्लोली चलते-चलते सारे दुकानों को एक्सप्लोर कर रहे थे। लेना तो था नहीं कुछ। अच्छा आपको इतना पैशन मिलेगा कि यहां शांति से बैठ के किताब की रीडिंग करेंगे, बातें करेंगे। शायद यह हमारा टेस्ट नहीं है। है ना? अब ये साहब आइसक्रीम खा रहे थे। तभी किसी ने कहा कि भैया कि आइसक्रीम जबरदस्त है। तो यह हुआ कि भ चलो घूमते-घूमते आइसक्रीम ही खा लेते हैं। ये देखिए ये छोटा सा वाटर पोंड है। बड़ी अजीबोगरीब तरीके से बनाए हैं। बच्चे आते हैं अट्रैक्ट करते हैं। जानवर भी पानी पीते हैं। तभी हमको ये हमारे ये छोटे से सब्सक्राइबर मिल्क है। मैं हाय हेलो करने लगा उनके साथ में। काफी प्यारी बच्ची थी। मम्मी के साथ आई थी। और उसके बाद फिर हम बढ़े अपनी मंजिल की तरफ। चलो आइसक्रीम। और ये हुआ कि बॉस आइसक्रीम तो खाना ही है। आएंगे। चलो जब आइसक्रीम की बात आती है तो कोई रुकता नहीं है। और यहां की आइसक्रीम काफी टेस्टी होती है। हम पहुंच गए आइसक्रीम के शॉप में। पता चला सिर्फ कैश चलता है। अच्छी खासी रश लगे हुए थे। हम तीनों ने अपने-अपने टेस्ट की। आइसक्रीम ली और बाहर खा के नजारे ले लेने लगे। और इसी आइसक्रीम के साथ-साथ हम लोग एंजॉय करते-करते आगे बढ़े। और आप देख सकते हैं यहां पे शांति से लोग बैठे हुए हैं। कोई चिल्लम नहीं है। कोई चिल्लाना नहीं है। है ना मोहतरमा साइकिल के साथ घूम रही है। और यह है आपका हिस्ट्री का टाउन हॉल। इसकी भी अपनी एक हिस्ट्री है। है ना? काफी जो पेंटिंग है यहां के कल्चर को सिग्निफाई करती है। काफी टूरिस्ट आते हैं। गाइड होते हैं जो इनको एक-एक बारीकी सिखाते हैं और समझाते हैं जिससे थोड़ा सा और इंटरेस्ट क्रिएट होता है। अब ये देखने के बाद हम लोग बोले चलो अभी और आगे बढ़ते हैं। हम थोड़ा और आगे बढ़े। अभी हम लोग पूरा जो यह लन है लेन से हम लोग बाहर जा रहे थे और बाहर जाके हमने सोचा कि और चीज एक्सप्लोर करते हैं। तभी आवाज आई और पता चला ऊपर जबरदस्त हेलीकॉप्टर चल रहा है। चलो उसको भी शूट कर लेते हैं। और यह होने के बाद यह पूरा एरिया एक्सप्लोर करने के बाद हम लोग यहां से बाहर निकले। स्टेशन की तरफ यह जबरदस्त गार्डन है। आप देख सकते हैं। बहुत ही ब्यूटीफुल है। काफी फ्लावर्स हैं। बिल्कुल गंदगी नहीं मिलेगी आपको। कोई बोतल फेंका हुआ नहीं मिलेगा। लोग मैट डाल के वहां पे आराम कर रहे हैं। फैमिली के साथ टाइम स्पेंड कर रहे हैं। यह फ्लावर्स देखिए। और यह घूमने के बाद हम लोग आ गए अपने बस स्टॉप के तरफ। यह हम बस स्टॉप पे बैठे हैं और अपने बस का इंतजार कर रहे हैं। काफी साइकिल चलती है। भी आप देख सकते हैं। तभी हमारी बस आ गई जिसका हम इंतजार कर रहे थे। बस नंबर फाइव। यह बस हमको तकरीबन यहां से एक 7 से 8 मिनट के अंदर ट्रेन स्टेशन छोड़ देगी। हम बस में बैठते हैं और पहुंच जाते हैं वापस से फिर लिंडा। लिंडाऊ में 10 मिनट में हमारी ट्रेन है। यह हम लोग ट्रेन में बैठे और हम लोग पहुंच गए अपने घर पे और उम्मीद है आपको यह लिंडाऊ शहर और मेरी वीडियो पसंद आई होगी। अगर आपको पसंद आई होगी तो बस तीन रिक्वेस्ट है। चैनल को सब्सक्राइब करिए, शेयर करिए और लाइक करिए। और फिर मैं आपको मिलूंगा जर्मन डायरीज में फिर किसी दूसरी वीडियो के अंदर। तब तक के लिए अपना ख्याल रखिए। अल्लाह हाफिज।

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