आकाश आय शा दिलो उदार होते भाई कर्मी हब मंत्र बायुर का पाई रे पहाड़ शिखा ताहर समान होई जन भाई मन महान खोला माठ उपदेश दिल खोला होई तारे सूरज आय मंत्रणा दे आपन ते जलते चांद शिलो हसते मिठे मधुर कथा बोलते ते ता शिखा सागर अत होक रत्न आक नदीर का शा पेला आपन बगे चलते माटर का सहिष्णुता पेला शा आपन का कठोर होते पा दिलो दि रना तार सहज गाने न जागा
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