Hi Guys this is Sandarbh Bhardwaj, a marketing professional from India currently living in Reutlingen, Germany. This vlogging channel is about my daily experiences and the struggles which i endure to overcome the setbacks faced by many international students.

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हेलो गाइस सडी दिस साइड मैं हूं रटलिंगन में जो कि जर्मनी का एक छोटा सा शहर है और आज मैं जा रहा हूं ट्यूबिंग आज मौसम थोड़ा बेटर है हल्की सी धूप है मतलब बहुत ज्यादा नहीं इंडिया जैसी नहीं यहां के हिसाब से बहुत अच्छी धूप है तो सोचा थोड़ा सा धूप के दर्शन करने के लिए बाहर जाते हैं। तो ट्यूबिंगन से वाइटलिंगन थोड़ी ही दूरी पर है। मतलब अभी आजकल ट्रेन नहीं चल रही है तो बस से जाना होगा। बाकी ट्रेन से कुछ 10 मिनट में आप पहुंच जाते हो। बस लेती है कुछ 20 से 25 मिनट। तो आइए घूमते हैं ट्यूबिंग। वैसे तो यहां ट्रांसपोर्टेशन बहुत अच्छा है लेकिन कभी-कभी बस के लिए बहुत ज्यादा वेट करना पड़ता है। जैसे कि आज तो अगले 20 मिनट बाद है अगली बस तो मैं आगे वाले स्टॉप पर जा रहा हूं पैदल चल के ताकि थोड़ी वॉकिंग भी हो जाए और टाइम भी थोड़ा बच जाए। मैंने टाइम का थोड़ा इफेक्टिव यूज़ किया है उसके लिए। तो ये जो धूप निकली है आज ये मुझे तो बहुत ज्यादा पसंद है। कुछ लोगों को पसंद नहीं है। तो थोड़े मिक्स व्यूज हैं धूप के बारे में जर्मनी में लोगों के। लेकिन बीइंग फ्रॉम इंडिया मैं इतना बोल सकता हूं कि यहां धूप जो है वो राशन में मिलती है। तो जितनी आपको मिले उतनी ले लो। क्योंकि अभी सर्दियां आ रही है। सर्दियों में यहां आता है विंटर डिप्रेशन जो कि पूरे चार से पांच महीने रहता है आपके साथ। तो अभी थोड़ी धूप मिल रही है। तो मैं तो एंजॉय करता हूं धूप को। बाकी आप बताइए आपका क्या व्यू है? धूप को लेके। यहां पर रोड क्रॉस करने का बहुत अच्छा तरीका है। बहुत ही डिसिप्लिन तरीका। देखिए चाहे एक इंसान को जाना हो या 10 को जाना हो सारी गाड़ियां रुक जाती हैं। जैसे ही आप वो प्रेस करते हो बटन चलने का तो ये बहुत अच्छा है यहां पर। इंडिया में भी ऐसा होना चाहिए। हालांकि बहुत चैलेंजेस हैं इसको इंडिया में इंप्लीमेंट करने के लिए क्योंकि इंडिया में ट्रैफिक आउट ऑफ कंट्रोल होता है। अभी देखिए मैं दिखाता हूं आपको कैसे चलता है ये। ये बटन को प्रेस करना होता है। इसको प्रेस करते ही ये सिग्नल कॉम्प का आपको दिखाई देगा स्क्रीन पर और अभी थोड़ी देर में यह सिग्नल ग्रीन हो जाएगा रेड से और फिर मैं चल सकता हूं। देखिए ग्रीन हो गया और सारी गाड़ियां रुक गई यहां पर। तो भाई ये है जादू और पुलिस की गाड़ी भी रुकी है। बट देखिए तो जब भी मैं ऐसे रोड क्रॉस करता हूं मुझे एकदम वीआईपी वाली फीलिंग आती है। कि सारी गाड़ियां आपके लिए रुकी हुई है और आप क्रॉस कर रहे हो। हालांकि इंडिया में ऐसा कभी फीलिंग आई नहीं मुझे लेकिन यहां पर आती है। तो अच्छा है। और ये एडवर्टाइजमेंट का एकदम अलग तरीका है। ये जर्मनी में देखा मैंने। ये देखिए सिलड्रिकल वॉल होती हैं यहां पर। इस पर यह लोग ऐड देते हैं। हालांकि अंदर पेपर है। अंदर कोई डिजिटल स्क्रीन नहीं है। ये सारा पेपर है। लेकिन ये सिलड्रिकल जो स्ट्रक्चर है वो बहुत ही यूनिक है। मतलब मैंने तो इंडिया में नहीं देखा है। अगर आपने देखा हो तो प्लीज कमेंट में जरूर बताइए मुझे। चलो अभी तो मैं बस का वेट कर रहा हूं। बस आएगी 2 मिनट में। तो अभी मैं पहुंच रहा हूं उस बस स्टॉप पे जहां से मुझे ट्यूबिंग इन के लिए बस पकड़नी है। और यहां मेरे पीछे है एक जिम जो कि ओपन होता है 247। यहां मोस्टली जिम्स 247 ही ओपन होते हैं। तो आप कभी भी जा सकते हो। बस आपको एक कार्ड चाहिए होता है और बस चली गई है। शिट। तो ये बस जा चुकी है। अब मुझे दूसरी बस का वेट करना है। ओके। तो कुछ ऐसा दिखता है रलिंगन का बस स्टॉप और बस स्टॉप से अगर आप थोड़ा सा ही आगे जाओगे तो आपको ट्रेन स्टेशन दिख जाएगा। यह बिल्कुल इंडिया जैसा ही है कि ट्रेन स्टेशन के पास में ही बस स्टॉप होता है। तो स्ट्रक्चर वाइज तो काफी कुछ सिमिलर है। पर सर्विस वाइज एंड ऑफ कोर्स ट्रैफिक वाइज बहुत डिफरेंस है इंडिया और जर्मनी में क्योंकि यहां की बस में भी ज्यादा भीड़ नहीं होती है जैसे कि इंडिया में होती है। अभी आपको दिखाऊंगा बस में कितने लोग ट्रैवल करते हैं। बाकी ट्रेन में भी उतना ही ट्रैफिक रहता है जितना अभी बस में आपको दिखाऊंगा मैं। बस तो आ गई है लेकिन चलने में थोड़ा टाइम है। अभी मैं आपको दिखाता हूं बस कितनी खाली होती है यार। ओके तो मैं फाइनली पहुंच गया हूं ट्यूबिंगन एक आधे घंटे की बस की राइड के बाद वो बस ड्राइवर का पता नहीं क्या वो कहां-कहां से लेके गया मुझे खुद नहीं पता था बिल्कुल नए रास्ते से लेके गया तो ज्यादा टाइम लग गया। फिलहाल मैं हूं अभी ट्यूबंगन में। तो यह है बहुत ही बड़ा पार्क और फेमस पार्क ट्यूब ट्यूबन का। यहां पर बोटिंग भी होती है और बहुत ही अच्छा व्यू है। मैं दिखाता हूं आपको अभी। ये ऐसा लगेगा। बिल्कुल इडन गार्डन्स वाला लुक आता है यहां पर। और यहां की बोटिंग बहुत पॉपुलर है। बहुत सारे लोग यहां पर बोटिंग एंजॉय करते हैं। तो यहां की बोट की सीट जो है ना काफी लीन रहती है। जैसे थिएटर में सीट होती है आपकी जिसमें आप थोड़ा रिक्लाइन कर सकते हो। तो ये यहां पर अलग चीज है बोट्स के बारे में। तो यार ये एकदम पहलीपली वीडियो है मेरी। मैंने कभी YouTube पे वीडियोस नहीं बनाई है। ये फर्स्ट टाइम है। तो धीरे-धीरे मैं और वीडियोस बनाऊंगा। कैसे एक स्टूडेंट जो है अपनी लाइफ को आगे ले जाता है फ्रॉम स्टडीज टू अ जॉब एंड फाइनली अ करियर इन जर्मनी जिसमें लैंग्वेज कैसे सीखना है उसके ऊपर भी वीडियोस आएंगे और कैसे जो डेली रूटीन की चीजें हैं उस पे कैसे आपको काम करना चाहिए मैं अपना एक्सपीरियंस शेयर करूंगा मैं कोई एक्सपर्ट नहीं हूं तो जस्ट मेरा एक्सपीरियंस आपके कुछ काम आ सकता है इफ यू आर प्लानिंग टू मूव टू जर्मनी दिस ईयर और नेक्स्ट ईयर। सो थोड़े यूज़फुल टिप्स होंगे उसमें आपके लिए। तो मुझे हो गया है पूरा एक साल जर्मनी में और मैं यहां पर एज अ स्टूडेंट आया हूं और अभी मतलब स्टूडेंट ही हूं फिलहाल। तो अभी जॉब नहीं मिली है होपफुली मिल जाएगी अगले साल तक क्योंकि जॉब मार्केट अभी बहुत खराब है जर्मनी में। जैसा कि आप जानते हैं कि Audi और Foxwagen जैसी कंपनीज़ ले ऑफ कर रही हैं बहुत सारे एंप्लाइजज़ को। तो मार्केट अभी थोड़ा खराब है और लगातार 2 साल से जर्मनी की इकॉनमी नेगेटिव ग्रोथ दिखा रही है। तो चैलेंजेस बहुत ज्यादा हैं जॉब लेने के लिए अभी। पर होप है कि जॉब मिलेगी। खैर तो ये था आज का वॉग। अभी मैं वापस जा रहा हूं रलिंगन। और बाकी वीडियोस मैं अब डालता रहूंगा हर हफ्ते कुछ ना कुछ जहां भी जाऊंगा जो भी अपडेट रहेगा मैं पोस्ट करता रहूंगा। तब तक के लिए।

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