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इस देश की अच्छी बात बताओ थोड़ा दे आर वेरी सेफ रदर देन डिजिटलाइजेशन सब फ्रेंडली है स्माइल करके हेलो हेलो अच्छा लगता है और हेल्पफुल बहुत है दे हेल्प अस लाइक कैरिंग द लग ट्रांसफरिंग इट टू ट्रेन एंड ऑल दैट स्टफ बट दे आर नॉट इजी टू मेक [संगीत] फ्रेंड्स रा गाइ सो आई एम एट द मोमेंट हियर इन मगद बर्ग सिटिंग हियर विथ स्टूडेंट्स एंड मैं इनके एक्सपीरियंस जानू एंड आप लोग को अभी आए हु कितना समय हो गया पांच से छ महीने हो गए हो गया मैं बर्लिन से सिर्फ दो घंटे की दूरी प बैठा हूं मार्ग दे बर्ग एक छोटा छोटा शहर तो नहीं बोलूंगा बिकॉज ये स्टेट का कैपिटल है बट तुम लोग छोटा शहर मानते हो उसको नहीं छोटा तो नहीं है क्योंकि यहां पे जॉब अपॉर्चुनिटी सब कुछ है क्योंकि जॉब अपनि में ऐसा है कि यहां बहुत सारी कंपनियां या वेयर हाउसेस ज्यादा है जिसके लिए दूसरी सिटी के लोग यहां पे आते हैं और यहां पे जॉब करने के लिए बहुत सारे लोग आते हैं चलो एक बार इंट्रोडक्शन कर देते हैं मेरा नाम ध्रुव कोरिंगा है और मैंने अपना बैचलर्स इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में किया हुआ है और अभी मैं यहां मास्टर्स ओवीजी यू माकडे बर्ग में इलेक्ट्रिकल एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में कर रहा हूं मेरा नाम कपिल गांधी है मैंने अपना बैचलर्स इलेक्ट्रिकल में किया था और मैं यहां पे मास्टर्स इलेक्ट्रिकल एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में ओवीजी से मार्क डेव से कर रहा हूं मेरा नाम मिलन प्रजापति है मैंने इंडिया से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में मेरा बैचलर कंप्लीट किया और यहां पे मैं सेम कोर्स डबल ई आईटी ओजी यूनिवर्सिटी में कर रहा हूं हाय मेरा नाम मीत राना है आई हैव कंप्लीटेड माय बैचलर्स इन इंस्ट्रूमेंटेशन एंड कंट्रोल एंड सेम आई एम इन द सेम फीड इलेक्ट्रॉनिक एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी नजी मा ठीक है मेरे को एक बहुत नेस्ट आंसर चाहिए इस बात पे तुम लोग आने से पहले इंटरनेट पर सर्च किया रहेगा 500 वीडियो देखे होंगे क्योंकि लाइफ का बहुत बड़ा डिसीजन है राइट अब्रॉड जाना यहां आने के बाद ऐसा क्या समझ में आया किर यार ये जो चीज वहां देखी थी वो सही नहीं थी बे हां तो कुछ और ही सीन चल रहा है ऐसा कुछ है क्या तुम्हारे हिसाब से अगर तुम्हारे दिमाग में कुछ आता है ये सवाल पूछते ही जो पहली चीज आई आई थिंक कि लाइक देखा था हमने कि जर्मन थोड़े लाइक फ्रेंडली होते हैं मोस्टली बट यहां पे उतना नहीं दूसरा कि जर्मन लैंग्वेज बैरियर है वो यहां पे फील कर सकते है इफ यू आर गोइंग फॉर जॉब और समथिंग आल्सो इफ यू वांट टू टॉक विद पीपल बेसिक नॉलेज ऑफ जर्म तो आप लाइक कन्वर्स कर सकते हो अच्छा रहेगा तो हमने इंडिया में लाइक एनालाइज किया था कि हां हो जाएगा लेकिन यहां पे इतना इजी नहीं है नहीं मतलब वो होता है ना अपने को ये सोच के कि यार अपने को इंग्लिश आती है चल जाएगा काम वो एक्चुअली नहीं है एक्चुअली सीरियस ये सही बोल रहा है कि चार बार सोच के चलना पड़ता है कि वहां जाके क्या बात कर पाएंगे नहीं बात कर पाएंगे ऐसा हेसिटेशन होता है तुमको कभी डिपेंड करता है कि हम पार्ट टाइम जॉब्स ऐसा करते हैं तो वहां के जो अथॉरिटीज होती है या सेफ होते हैं वो लोग जर्मन में ज्यादातर प्रेफर करते हैं और हम इंग्लिश होता है तो कुछ इंस्ट्रक्शन हमको समझ में नहीं आता तो वो थोड़ा कम्युनिकेशन प्रॉब्लम होता है फिर हम यहां लोकल से कम्युनिकेट करना चाहते हैं तो तब थोड़ा प्रॉब्लम होता है क्योंकि जर्मन हमारा इतना अपग्रेड लेवल नहीं होता और हम इंग्लिश में सबसे ज्यादा प्रेफर करते हैं तो कम्युनिकेशन बेर तो हमेशा रहता ही है ये भी है कि अगर आप छोटे लाइक टियर थ टियर टू सिटी में रहते हो अभी जर्मनी में तो मतलब कि उसमें ऐसा है कि आपको जर्मन ज्यादा आपका एक्सपोजर ज्यादा रहेगा अगर आप बड़े सिटी में रहते हो तो उसमें क्या आएगा आपको इंग्लिश में चल जाएगा मतलब छोटे सिटी में आपको ज्यादा एक्सपोजर रहता है जर्मन का तो तो वो भी एक बेनिफिट है टियर टू रथ का कि आपका जर्मन का इंप्रूवमेंट ज्यादा अ रहेगा सेम थिंग कि इंडिया में ऐसा सोचा था कि जर्मन नहीं आती तो चलेगा हमको पढ़ना तो इंग्लिश में ही है ना लेकिन इधर मेरे साथ 10 दिन पहले ही मेरा जो अकाउंट है स्पार्क से में वो ब्लॉक हो गया था तो मुझे वो ठीक करवाने के लिए वो ब्रांच में गया स्पार का से की तो मोस्टली एल्डर एंप्लॉई होते हैं और उनको जर्मन जर्मनी आती है इंग्लिश नहीं आती अगर कोई हमारी एज का कुछ एंप्लॉई है तो बात बन जाती है लेकिन इट्स डिफिकल्ट कम्युनिकेट विद देम लैंग्वेज का एक इशू है राइट मत बेसिकली मेरे को लगता है b1 खत्म करके आओ आने से पहले अगर आना है तो इफ यू हैव टाइम सो अच्छे से b1 करके आओ आपको आए ना आए लेकिन नॉलेज लेके आओ यहां पे आके शार्प हो जाएगा क्योंकि आप बात करोगे समझ में आएगा तो हो जाएगा लेकिन ट्राई करो कि करके ही आओ मोस्टली a2 तक तो कर लो ऐसा स्टडीज के मामले में या क्योंकि फॉर एग्जांपल अगर मैं दू कंपैरिजन लाइक कनाडा में लोग जा रहे हैं वहां पे हो जाता है सबको पता है कि हां असमेंट ही लिखना यहां पे ऐसा सीन नहीं है सीन ये है कि आप मास्टर्स करने आए हो तो दे विल शो यू दैट यू आर इंड मास्टर्स स्टूडेंट एंड यू आर इंजीनियरिंग स्टूडेंट सो प्रिपेयर योरसेल्फ की इतना टफ भी है आपको पढ़ाई भी करनी है और ऐ मान के चलना है कि यहां पे आप पास हो जाओगे फॉर एग्जांपल मैं जीटीयू से हूं तो जीटीयू हमने लाइक दो दिन पहले पढ़ाई कि है हम पास हो गए हैं नहीं यहां पे ऐसा नहीं है आपको जब से स्टार्ट हो रहा है तब से करना ही है एंड एट द एंड वो जब एग्जाम दोगे तब पता चल जाएगा कि उनका लेवल क्या है स्टडी लेदर एक ही प्रॉब्लम होता है कि हमने जो इंडिया में स्टडी किया और यहां पे किया वो बहुत डिफिकल्ट होता है क्योंकि यहां पे हमको मटेरियल अरेंज खुद करना पड़ता है इंडिया में प्लस पॉइंट ये होता था कि कुछ स्टैंडर्ड बुक या रेफरेंस बुक होती है जिससे आप कर सकते हो यहां पे मटेरियल अरेंज करना पड़ता है और प्रॉब्लम यह भी होती है कि आप कभी-कभी जॉब्स की वजह से कुछ क्लास मिस करते हो तो वो नोट्स बहुत इंपोर्टेंट होता है क्योंकि यहां सबसे ज्यादा नोस पे चलता है सब कुछ तो स्टडी में ये प्रॉब्लम ज्यादा आता है एक और प्रॉब्लम मैंने नोटिस करा है जब आप फर्स्ट टाइम घर छोड़ते हो तो खाना पीना घरबार संभालना इट्स अ डिफरेंट लेवल प्रॉब्लम राइट तो उसमें तुम लोग का कैसा मतलब हाउ डिड यू मैनेज कि कि आप लोग एक्सपेक्ट करके आए थे कि भाई खाना भी अपने को बनाना है कपड़ा भी अपने को धोना है बिकॉज कन्वीनियंस इंडिया में बहुत नेक्स्ट लेवल पे है ठीक है जब आप आते हो ना उड़ के यहां पर आपके दिमाग में ये होगा यार मैं इतना फास्ट फॉरवर्ड थिंकिंग देश में जा रहे हैं और अचानक से तुम्हें आके समझ में आता है कि अरे यार यहां तो काफी चीजें स्लो चल रही है उतना कन्वीनियंस अपने को नहीं मिलता है जैसे कि अपने इंडिया में जेप ट हो गया पता नहीं चार ऐप है नींबू लेने लोग नीचे नहीं उतर रहे हैं आज राइट घर के बट यहां तो आई थिंक हमली लोगों को जाना पड़ता है राट क्योंकि बिकॉज आप एज अ स्टूडेंट आ रहे हो तो आपके अभी रिस्पांसिबिलिटी ये है कि आपको सब करना है खाना भी खुद बनाना है चीजें भी खुद लेने जानी है पढ़ाई भी करनी है आप पार्ट टाइम जॉब कर रहे हो वो भी करना है मेन आपको ये सब मैनेज करना है यू शुड हैव अ माइंडसेट इंडिया मुझे ये करना है और प्रिपेयर रह के ही आना है अगर आप यहां पे लाइक थोड़ा आपने मतलब थोड़ा कि हां हो जाएगा तो नहीं होगा इट्स वेरी हार्ड टू मैनेज बिकॉज डेज आर गोइंग लाइक अ वेव प्लस पॉइंट ये बोलना चाहूंगा कि आप इंडिया से आ रहे हो तो मेंटली प्रिपेयर होके तो आओ लेकिन वो प्रिपरेशन करके भी आओ क्योंकि खाना बनाना सीख क्योंकि यहां प्रॉब्लम होगा क्योंकि खुद बनाना पड़ेगा और प्रॉब्लम यहां हो कि इंडिया में तो हम साल का भी रख लेते हैं यहां आपको हर दो तीन दिन में ग्रोसरी स्टोर में जाना होता है टाइम मैनेज करना होता है क्योंकि आपको जॉब स्टडी ग्रोसरी का होता है फूड का का होता है सब कुछ अरेंज करना पड़ता है आपका पूरा दिन कहां चला जाता है पता ही नहीं चलता आपको और एक चीज मैं ये भी ऐड करना चाहता हूं कि हमारा इंडिया में ज्यादा डिजिटल हम ज्यादा एडवांस हो गए हैं मतलब कि यहां का पेपर वर्क आपको थोड़ा ज्यादा बहुत हैवी लग सकता है क्योंकि आपका सब चीज आपके पोस्ट में ही आएगा तो फिर वो जो डिजिटल हम कहते हैं इंडिया में कुछ पेमेंट करना है ये यूपीआई स्कैन कर लिया पेमेंट हो गया इतना फास्ट फॉरवर्ड ये लोग नहीं है अभी मतलब कि डिजिटल इतना नहीं है मतलब कि लेटर्स और वो सब में ही सब ज्यादा काम चलता है मतलब कि वो भी आपको प्रिपेयर होके आना है कि आप लेटर्स को भी आंसर कर सकते हो प्रॉपर्ली आपका डॉक्यूमेंटेशन खुद देख सकते हो आप सेम थिंग मैंने अपनी जो प्रॉब्लम बताई कि मेरा अकाउंट ब्लॉक हो गया था तो मैं गया तो मेरा 15 दिन के बाद नया पीन आया था डेबिट कार्ड का तो तब तक डेबिट कार्ड मेरा बंद था तो तब तक कैश यहां वहां से लेके चला रहे थेस हां ओ माय गॉड अड फ्रेंड्स थे तो कोई दिक्कत नहीं थी लेकिन पेपर वर्क बहुत है यार राइट राइट राइट इस देश की अच्छी बात बताओ थोड़ा थोड़ा तुम लोग कहीं घूमे उमे हो ट्रेवल किया होगा कु ड़ अच्छी अच्छी बात बताओ जर्मनी की ऑन द सेम पॉइंट कि लाइक पेपर वर्क बहुत है यहां पे लेकिन वो एक्चुअली में सेफ है बिकॉज मेरे फ्रेंड के साथ स्कैम होते होते रह गया अगर डिजिटल होता तो मोस्टली उसका पैसा उड़ जाता लेकिन पेपर वर्क है इसलिए लाइक वो लोग टू वे कंफर्मेशन करते हैं कि भाई हम आपको पिन पोस्ट से ही भेजेंगे आप फिर डालना और आपने अप्लाई भी किया होगा खुद से कि मैंने अप्लाई किया तभी पिन आया है डिजिटल होता तो आप चेंज किया है डि डिजिटल कोई भी डाल के ले सकता है तो ये प्लस पॉइंट है यहां के कि दे आर वेरी सेफ इन डॉक्यूमेंटेशन प्रोसेस रदर देन डिजिटलाइजेशन आल्सो दूसरा गुड पॉइंट ये है कि सब फ्रेंडली है स्माइल करके हेलो हेलो डंक बोलते हैं अच्छा लगता है और हेल्पफुल बहुत है ये लोग फॉर एग्जांपल मैं जब यहां पे आया सो मैं मैं हम दो ही दोस्त थे ट्रेन में और वी शुड लाइक वीर लट् ऑफ लगेज स दे र पीपल फ्रॉम जर्मनी ओनली दे हेल्प अस लाइक कैरिंग द लगेज फ्रॉम वन स्टॉप लाइक वन स्टेशन टू अनदर ट्रांसफरिंग इट टू ट्रेन एंड ऑल दैट स्टफ दे आर गुड दे आर हेल्पफुल बट दे आर नॉट इजी टू मेक फ्रेंड्स

11 Comments

  1. Hey I am from India. Actually with 1 year of experience a Germany based company has given an offer letter . Usually I expected the company to give me work visa and sponsorship but here the company is has told me to apply for job seeker visa (which needs to have 5 yrs of work experience and around 10 laks in my block account and I have 1 year of work experience) but the company's founder said the company will assist me with the embassy for that I don't need to have money in my blocked account . I just have to pay for the job seeker visa in which the company will assist me .After that when I land in Germany I can apply for a work visa within a month. Do you think that this is true or might be some unethical practice or scam

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