गुड मॉर्निंग साथ आज बद्री नारायण दादा राम गुड मॉर्निंग सवाके एक सूरज निकला था निकला था एक आंधी आई थी जब दिल से आंख निकली थी दिल से एक सूरज निकला था कुछ निकला था एक आंधी आई थी जब दिल से आग निकली थी दिल से दिल से रे दिल से रे दिल से रे दिल से मुश्किल है ना पिया पिया पिया ना पिया जिया जिया जिया ना जिया दिल से रे बढ़ ब निकाल यार देखिए बॉल निकाल एकदम राउंड है ना सा जा जाऊं जाऊं ओ ओ ओ फुगा जुगा जुगा जुगा ओ पंछी फूली खूब सुरता की छा जा साथ राम राम राम जाऊं ये माना मजा आ रहा है क्या पूरा भाग गया सा हो हेलो ओके ओके ओके साथ मंदिर देखिल को स्वर्ग स्वर्ग आज दुखा यार प्रेम प्रभु का बरस रहा है पी ले अमृत प्यासे सातों तीरथ तेरे अंदर बाहर किसे तलाशे कण कण में हरी क्षण क्षण में मुस्कान पता नहीं किस रूप में आकर नारायण मिल जाएगा। पता नहीं किस रूप में आकर नारायण मिल जाएगा। नियति भेद नहीं करती जो लेती है वो देती है जो बोएगा वो काटेगा ये जग कर्मों की खेती है नियति भेद नहीं करती जो लेती है वो देती है जो बोएगा वो काटेगा ये जग कर्मों की नारायण की यदि कर्म तेरे पावन है सभी डूबेगी नहीं तेरी नाव कभी तेरी बाह पकड़ने को वो भस बदल चल के आएगा। पता नहीं किस रूप में आकर नारायण मिल जाएगा। पता नहीं किस रूप में आकर नारायण मिल जाएगा। राम पार्क पार्क राम साइड पार्क ब्रेक पास ब्रेक ब्रेक ब्रेक माया के हो के सकीना चल सकीना के हो के सकीना सकीना को क्रश को यहां ले रहा स्मृति जिंदगी में पार्क पार्क के नहीं सकीना सकीना के भूल नहीं सकीना तू नहीं हेलो साथ ये हुआ हमरो प्रकृति स्वर्ग का टुकड़ा पार्क नारायण कर रहा लोटा डम धीरे धीरे धीरे मा घर चल एक समय रो जब मेरो सागी आ सुन आज मन एकदा क्या जाने एकदा क्या जाने लो सुंदरता देख और कई मिले का आरजन रह खुले काश हर प्रोग्राम हराए इन डूबे मा हराए मधोश भराए आ नहीं माया मन को भी कार्यक्रम संपन्न है तुम पागल पागल यो माया ले मोया यो ो बेहोशी भरे जो क्यों मंद मुस्कान हां।

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